Muzaffarpur के Litchi Farmers की हाहाकार सुनो सरकार.. 25% पेड़ों में फल, जागरूकता अभियानों की कमीPunjabkesari TV
8 minutes ago गर्मियों का मौसम आते ही भारत के कोने-कोने से एक नाम ऐसा है, जो हर किसी की जुबान पर आ जाता है.. वो है, मुजफ्फरपुर की ‘शाही लीची’....बिहार के मुजफ्फरपुर और उसके आस-पास के क्षेत्रों में उगने वाली ये लीची अपनी बेमिसाल मिठास, रसीले गूदे, मनमोहक खुशबू और स्वाद के लिए पूरे देश में मशहूर है....यह सिर्फ एक फल नहीं, बल्कि बिहार की पहचान, किसानों की आजीविका और लाखों लोगों की उम्मीदों का प्रतीक है, जैसे ही बाजार में लीची आनी शुरू होती है, लोगों के मन में उसकी मिठास का सपना जाग उठता है, और बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सब इसका बेसब्री से इंतजार करते हैं.... लेकिन, इस बार का मौसम कुछ अलग है.... किसानों के चेहरे पर चिंता की गहरी लकीरें हैं, उनकी आंखों में निराशा और हताशा छाई हुई है, और बाजार में लीची के दाम आसमान छू रहे हैं.... वजह? इस साल लीची के सिर्फ 25% पेड़ों में ही फल लगे हैं, और वह भी आकार में भी इतना छोटा है कि, पहले कभी ऐसा नहीं देखा गया.... यह एक ऐसा संकट है, जिसने लीची किसानों को हाहाकार मचाने पर मजबूर कर दिया है, और सरकार से मदद की गुहार लगाने को विवश कर दिया है....