National

Trump Secret Flight: Iran से ट्रंप को खतरा,Turkey से सीक्रेट फ्लाईट से कैसे निकले?| NATO | US-IranPunjabkesari TV

3 weeks ago

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा को लेकर सामने आई एक रिपोर्ट ने ईरान से बढ़ते तनाव के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, जुलाई में ईरान की कथित धमकी के बाद ट्रंप को एयर फ़ोर्स वन से गुप्त तरीके से निकालकर एक छोटे C-32A विमान में शिफ्ट किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई इतनी गोपनीय रखी गई कि विमान में मौजूद पत्रकारों और व्हाइट हाउस के कुछ कर्मचारियों तक को इसकी जानकारी नहीं थी। ट्रंप के विमान बदलने की इस पूरी कवायद को लेकर अब चर्चा है कि क्या यह सुरक्षा एजेंसियों की पहले से तैयार रणनीति थी या ईरानी धमकी के कारण उठाया गया असाधारण कदम। व्हाइट हाउस ने भी स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति की सुरक्षा को लेकर अत्याधुनिक तकनीक और कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल लगातार लागू हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा को लेकर सामने आई एक रिपोर्ट ने ईरान से बढ़ते तनाव के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, जुलाई में ईरान की कथित धमकी के बाद ट्रंप को एयर फ़ोर्स वन से गुप्त तरीके से निकालकर एक छोटे C-32A विमान में शिफ्ट किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई इतनी गोपनीय रखी गई कि विमान में मौजूद पत्रकारों और व्हाइट हाउस के कुछ कर्मचारियों तक को इसकी जानकारी नहीं थी। ट्रंप के विमान बदलने की इस पूरी कवायद को लेकर अब चर्चा है कि क्या यह सुरक्षा एजेंसियों की पहले से तैयार रणनीति थी या ईरानी धमकी के कारण उठाया गया असाधारण कदम। व्हाइट हाउस ने भी स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति की सुरक्षा को लेकर अत्याधुनिक तकनीक और कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल लगातार लागू हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा को लेकर सामने आई एक रिपोर्ट ने ईरान से बढ़ते तनाव के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, जुलाई में ईरान की कथित धमकी के बाद ट्रंप को एयर फ़ोर्स वन से गुप्त तरीके से निकालकर एक छोटे C-32A विमान में शिफ्ट किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई इतनी गोपनीय रखी गई कि विमान में मौजूद पत्रकारों और व्हाइट हाउस के कुछ कर्मचारियों तक को इसकी जानकारी नहीं थी। ट्रंप के विमान बदलने की इस पूरी कवायद को लेकर अब चर्चा है कि क्या यह सुरक्षा एजेंसियों की पहले से तैयार रणनीति थी या ईरानी धमकी के कारण उठाया गया असाधारण कदम। व्हाइट हाउस ने भी स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति की सुरक्षा को लेकर अत्याधुनिक तकनीक और कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल लगातार लागू हैं।