JWALAMUKHI MANDIR - ऐसा मंदिर जहां बिना तेल के जलती है अनंत ज्योति, जानें इससे जुड़ी कथाPunjabkesari TV
1 hour ago हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित पवित्र ज्वाला देवी मंदिर भारत के 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार यहां माता सती की जीभ गिरी थी, जो आज भी दिव्य ज्योति के रूप में प्रज्वलित है। यह ज्योति बिना तेल या घी के निरंतर जलती रहती है, जिसका रहस्य आज तक विज्ञान भी पूरी तरह समझ नहीं पाया।
इस मंदिर को ज्वालामुखी, जोतावाली और नगरकोट के नाम से भी जाना जाता है। यहां मां ज्वाला के साथ मां महाकाली, अन्नपूर्णा, हिंगलाज, विंध्यवासिनी, लक्ष्मी, सरस्वती, अंबिका और अंजनी देवी के स्वरूपों की पूजा की जाती है।
मंदिर से जुड़ी एक प्रसिद्ध कथा के अनुसार भक्त गोरखनाथ माता के अनन्य भक्त थे। कहा जाता है कि माता आज भी उनकी प्रतीक्षा में ज्योति प्रज्वलित रखे हुए हैं। पास ही गोरखनाथ मंदिर और गोरख कुंड भी स्थित है, जहां पानी उबलता हुआ प्रतीत होता है, परंतु स्पर्श करने पर ठंडा महसूस होता है।
इतिहास में मुगल सम्राट अकबर द्वारा ज्योति बुझाने का प्रयास भी उल्लेखित है, किंतु वे सफल नहीं हो सके। अंततः उन्होंने स्वर्ण छत्र अर्पित कर माता से क्षमा मांगी।
यह मंदिर आस्था, चमत्कार और शक्ति का अद्भुत संगम है, जहां सच्चे मन से आने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है।