नम आंखों से Harish Rana को अंतिम विदाई, मां-बाप का छलक दर्द तो हर किसी की भर गईं आंखेंPunjabkesari TV
51 minutes ago 13 साल से एक ही बेड पर बेसुध, एकटक निहारता चेहरा अब खामोश हो गया है,,, सोचिए, एक-एक दिन कैसे बीता होगा,,, जब ज़िंदगी आगे बढ़ती रही, लेकिन हरीश राणा की दुनिया उसी एक बिस्तर तक सिमट कर रह गई थी,,, जो ना अपना दर्द ब्यां कर पा रहे थे, ना ही अपनों से अपनी भूख-प्यास को कह पा रहे थे,,,